
गुजरात में ऑनलाइन कट्टरपंथ फैलाने के सनसनीखेज मामले में एनआईए ने बड़ा एक्शन लेते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को भटकाने वाले खतरे की ओर इशारा करता है।
अहमदाबाद की एनआईए कोर्ट में पेश की गई इस चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि आरोपी टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे ऐप्स पर आईएसआईएस विचारधारा का प्रचार कर रहे थे। इनके नेटवर्क ने कई जिलों में जड़ें जमा ली थीं, जहां वे युवाओं को विदेशों में ट्रेनिंग के लिए ललकार रहे थे।
मुख्य आरोपी सूरत का एक युवक है, जो कंटेंट मैनेजमेंट संभालता था, जबकि अन्य चार राजकोट व वडोदरा से ताल्लुक रखते हैं। जांच में एन्क्रिप्टेड मैसेज, प्रोपेगैंडा वीडियो और विदेशी हैंडलर्स से जुड़े फंड ट्रांसफर का पर्दाफाश हुआ।
एनआईए की छापेमारी में हथियार ट्रेनिंग के सबूत और विस्फोटक सामग्री के मैनुअल बरामद हुए। यह ऑपरेशन 18 महीनों से चल रहा था, जिसमें दर्जनों युवा फंस चुके थे।
यह मामला साइबर जिहाद के खिलाफ देशव्यापी मुहिम को मजबूती देगा। सुरक्षा विशेषज्ञ इंटरनेट उपयोग पर निगरानी और जागरूकता अभियानों की वकालत कर रहे हैं। गुजरात पुलिस अलर्ट मोड में है, ताकि ऐसी साजिशें दोबारा न पनपें। अदालती कार्रवाई से न्याय की उम्मीद है।