
रेल यात्रियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रेनों में परोसे जाने वाले नॉन-वेज भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताते हुए आयोग ने रेल मंत्रालय, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) और पर्यटन मंत्रालय से नई एक्शन टेकन रिपोर्ट्स (एटीआर) मांगी हैं।
हाल के दिनों में खराब नॉन-वेज भोजन से फूड पॉइजनिंग के कई मामले सामने आए हैं। यात्रियों ने स्टेल इंग्रीडिएंट्स, गंदे किचन और ठीक से स्टोर न किए गए मीट की शिकायतें दर्ज की हैं। आयोग ने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
रेलवे ने जवाब में वेंडर्स की जांच और नए मानकों का वादा किया है। एफएसएसएआई रैंडम सैंपलिंग बढ़ाएगी, जबकि पर्यटन मंत्रालय होटलों में समान नियम लागू करेगा।
यह कदम देशव्यापी केटरिंग सिस्टम में सुधार ला सकता है, जहां करोड़ों लोग रोजाना निर्भर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोल्ड चेन और ट्रेनिंग पर जोर देना जरूरी है। एटीआर जल्द आने वाली हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।