
नई दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) द्वारा गुरुवार से भारत मंडपम में राज्य महिला आयोगों के साथ ‘शक्ति संवाद’ का भव्य आयोजन शुरू हो रहा है। यह दो दिवसीय इंटरैक्टिव सत्र शुक्रवार तक चलेगा, जिसमें संस्थागत समन्वय मजबूत करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान और राज्य आयोगों की क्षमता वृद्धि पर जोर दिया जाएगा।
पिछले एक वर्ष में अयोध्या व मुंबई के सफल आयोजनों के बाद यह तीसरा राष्ट्रीय स्तर का संवाद है, जो एनसीडब्ल्यू की सहकारी संघवाद के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है। देश भर के राज्य महिला आयोगों की भागीदारी से यह पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला मंच बनेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उद्घाटन सत्र की शुरुआत करेंगी। इस दौरान एनसीडब्ल्यू द्वारा प्रकाशित ‘सफरनामा’ पुस्तक का विमोचन होगा, जिसमें आयोग के कर्मियों की प्रेरक कहानियां संकलित हैं। साथ ही ‘स्टे सेफ ऑनलाइन’ पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
दोनों दिनों में शिकायत निस्तारण व जांच प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने, प्रबंधन सूचना तंत्र व हेल्पलाइन सेवाओं के उन्नयन, राज्य-विशिष्ट कानूनों की समीक्षा तथा एनसीडब्ल्यू-राज्य आयोगों के कानूनी सहयोग पर गहन चर्चा होगी।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को गति देना, जिला स्तर पर जनसुनवाई की रणनीति तैयार करना तथा राज्य आयोगों की नवाचारी पहलों का लेन-देन प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा, ‘शक्ति संवाद केवल बैठक नहीं, बल्कि साझा संकल्प है। राज्य व राष्ट्रीय आयोगों का एकजुट होना समन्वय को सरल, प्रतिक्रिया को त्वरित तथा समाधान को जमीनी बनाता है।’
ऐसे निरंतर संवाद से महिलाओं से जुड़े कानून व सेवाएं अंतिम महिला तक पहुंच सकेंगी। इस कार्यक्रम से अपेक्षित ठोस परिणाम महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा व सम्मान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।