
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सर्द हवाओं ने कमाल कर दिखाया है। घने कोहरे और जहरीली स्मॉग से परेशान दिल्ली-एनसीआर को अब साफ हवा और बेहतर दृश्यता मिल रही है।
पिछले कई दिनों से प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ था, लेकिन अब हवा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी दिशा से चल रही 15-20 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार वाली हवाओं ने प्रदूषकों को बाहर धकेल दिया है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अब कई इलाकों में ‘मध्यम’ स्तर पर पहुंच गया है। दृश्यता भी 100 मीटर से बढ़कर 600 मीटर से अधिक हो गई है। हालांकि न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ये हवाएं प्राकृतिक वेंटिलेटर का काम कर रही हैं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में यातायात सुचारू रूप से चल रहा है। हवाई अड्डे पर भी उड़ान संचालन सामान्य हो गया है।
लेकिन राहत अस्थायी हो सकती है। IMD ने चेतावनी दी है कि सप्ताहांत तक हवाएं धीमी पड़ सकती हैं, जिससे प्रदूषण फिर बढ़ने का खतरा है। अधिकारियों ने मास्क पहनने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग और आउटडोर गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
यह घटना एनसीआर की विंटर पॉल्यूशन समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती है। फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, बेहतर परिवहन व्यवस्था और हरित ऊर्जा की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।