
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में घने कोहरे, भयानक प्रदूषण और कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 से ऊपर चढ़ गया है, जो ‘गंभीर प्लस’ की श्रेणी में आता है।
सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता शून्य के करीब हो गई। दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे और नोएडा रोड पर भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिले। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 50 से अधिक उड़ानें लेट हुईं और 20 डायवर्ट करानी पड़ीं।
अनंद विहार में एक्यूआई 478 और द्वारका में 465 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने, ठहराव वाली हवाओं और कम तापमान ने प्रदूषण को जमीनी स्तर पर जमा कर दिया।
तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बाहरी इलाकों में इससे भी कम। स्कूल ऑनलाइन हो गए, कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद। जीआरएपी चरण चार के तहत डीजल गाड़ियां प्रतिबंधित, प्राइवेट ऑफिसों में 50 फीसदी क्षमता।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह कोहरे की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी।
यह मौसमी संकट लंबे समाधानों की मांग करता है। दिवाली के बाद पराली जलाने और वाहनों के उत्सर्जन पर रोक लगाना जरूरी। फिलहाल एनसीआर की हवा जहर बन चुकी है।
