
गुजरात के कच्छ जिले के मांडवी समुद्र तट पर साहस की नई कहानी लिखी जा रही है। 14 से 23 जनवरी तक चल रहे राज्य संयुक्त वार्षिक शिविर में एनसीसी ग्रुप जामनगर के 594 कैडेट्स पैरासेलिंग के विशेष प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं। 36 गुजरात बटालियन एनसीसी, भुज द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, शारीरिक मजबूती और मानसिक दृढ़ता विकसित करना है।
अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में कैडेट्स को पैरासेलिंग के मूलभूत सिद्धांत, उपकरण संचालन, टेकऑफ-लैंडिंग तकनीकें, हवा में संतुलन और नेविगेशन का अभ्यास कराया जा रहा है। मांडवी के खूबसूरत समुद्री किनारों पर हो रही यह गतिविधि कैडेट्स को भय पर विजय पाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का सुनहरा मौका दे रही है।
एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर पी. शशि ने कहा कि पैरासेलिंग इस शिविर का प्रमुख आकर्षण है। यह कैडेट्स को नई स्किल्स सीखने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है। सीनियर कैडेट रचना जोधा ने जीप पैरासेलिंग की तारीफ की, जो सेना-वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों के प्रशिक्षण से और प्रभावी हो गया।
जेसिका धनानी ने ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग का जिक्र किया, जो आधुनिक अभियानों में उपयोगी है। रिटायर्ड कैप्टन ए.एस. सोकिन ने सुरक्षा पर जोर देते हुए युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल से नजर हटाकर साहसिक खेलों में कूद पड़ें।
यह शिविर न केवल रोमांच प्रदान कर रहा है, बल्कि भावी नेताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।