
अमृतसर के सीमावर्ती गांवों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के महानिदेशक अनुराग गर्ग ने सरपंचों के साथ बैठक की। उन्होंने नशा तस्करी और मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
गर्ग ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए समाज का हर वर्ग एकजुट होकर प्रयास करे। स्थानीय निवासी तस्करों को रोकने और युवाओं को नशे की लत से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गांव के बुजुर्गों व नेताओं से उन्होंने युवाओं को खेल-कूद जैसी स्वस्थ गतिविधियों की ओर प्रेरित करने को कहा। एनसीबी ने जागरूकता, रोकथाम व पुनर्वास प्रयासों में पूर्ण सहायता का भरोसा दिलाया।
सरपंचों को ड्रग तस्करी की खबरें देने व पुनर्वास सहायता के लिए 1933 मानस हेल्पलाइन का प्रचार करने का निर्देश दिया। यह कदम सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीनी सहयोग बढ़ाने की एनसीबी की रणनीति का हिस्सा है।
हाल ही दिल्ली में आयोजित एआई समिट में गर्ग ने तस्करी रोकने वाली आधुनिक तकनीकों की समीक्षा की। एनसीबी खुफिया जुटाना, छापेमारी, पुनर्वास व जागरूकता पर काम कर रही है। केंद्र-राज्य समन्वय व अंतरराष्ट्रीय साझेदारी से सीमाएं सुरक्षित हो रही हैं।
गर्ग ने कहा कि कठोर कार्रवाई व तकनीक से ड्रग अपराधों पर अंकुश लगा है, लेकिन सफलता सामूहिक जिम्मेदारी पर निर्भर है।