
देश के प्रमुख हस्ती नसीरुद्दीन चिश्ती ने आज एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए राष्ट्र को कट्टरपंथी विचारधारा और देश तोड़ने की मंशा रखने वालों के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी सोच को बर्दाश्त करना अब संभव नहीं है।
चिश्ती ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि कट्टरता के नाम पर फैलाए जा रहे नफरत और विभाजनकारी बयानों से देश की एकता को गहरा खतरा है। ‘आज हमें उन लोगों के खिलाफ खड़े होना होगा जो कट्टर सोच रखते हैं और देश तोड़ने की बात करते हैं,’ उन्होंने कहा।
देश में हाल की घटनाओं के संदर्भ में चिश्ती ने सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि कानूनी कार्रवाई, जागरूकता अभियान और सामुदायिक संवाद से इन चुनौतियों का सामना किया जाए।
चिश्ती ने ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए बताया कि भारत ने हमेशा एकता से संकटों का मुकाबला किया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्रभक्ति को अपनाएं और विभाजनकारी ताकतों को अलग-थलग करें।
यह बयान राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को नई दिशा दे सकता है। चिश्ती का संदेश देशवासियों के लिए एकजुटता का प्रतीक बन गया है, जो भारत की अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।