
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नमो भारत कॉरिडोर के इर्द-गिर्द ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को नई दिशा देने के लिए एनसीआरटीसी ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) दिल्ली के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए हैं। यह साझेदारी NCR के शहरी परिदृश्य को बदलने वाली साबित होगी।
एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल और SPA दिल्ली के निदेशक प्रो. वीके पॉल की उपस्थिति में हुई इस समझौते से स्टेशन क्षेत्रों में एकीकृत भूमि उपयोग और परिवहन योजना को बल मिलेगा। NCRTC का संतुलित विकास का सपना SPA की विशेषज्ञता से साकार होगा।
TOD का मूल मंत्र है उच्च घनत्व वाले मिश्रित उपयोग वाले क्षेत्र, जो पैदल यात्री-अनुकूल, समावेशी शहर बनाते हैं। सुरक्षित फुटपाथ, बेहतर अंतिम किलोमीटर संपर्क और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर यह निजी वाहनों की निर्भरता घटाता है।
इसके जरिए भूमि का कुशल उपयोग, डेटा-आधारित निवेश और भूमि मूल्य अधिग्रहण जैसे वित्तीय उपायों पर जोर होगा, जो परियोजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे। आवासन मंत्रालय की छह-सूत्री TOD नीति से पूरी तरह मेल खाता यह कदम कॉरिडोर चयन से लेकर नीतिगत सहयोग तक सबकुछ कवर करता है।
SPA दिल्ली ज्ञान साझेदार बनेगी, जो सर्वे, स्थानिक अध्ययन, हितधारक चर्चा और सुझाव देगी। यह MoU अन्य नमो भारत कॉरिडोरों पर भी लागू हो सकेगा।
देश का पहला हाई-स्पीड रीजनल ट्रांजिट सिस्टम नमो भारत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ जोड़ रहा है। TOD एकीकरण से यात्रा अनुभव बेहतर होगा और आसपास के क्षेत्र टिकाऊ विकास की राह पकड़ेंगे।