
नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तहत आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लंबी बैठक की। यह मुलाकात राज्य की राजधानी अमरावती को वैधानिक शहर का दर्जा दिलाने पर केंद्रित रही।
नायडू ने अमरावती परियोजना के लिए तैयार विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय सहायता और निजी निवेश आकर्षित करने के लिए कानूनी समर्थन की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान आई अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए परियोजना को पुनर्जनन देने की बात कही।
बातचीत में कानून-व्यवस्था, विकास के लिए केंद्रीय सहायता और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। नायडू ने 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की अधूरी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का आग्रह किया।
एनडीए गठबंधन सरकार के तहत आंध्र प्रदेश तेजी से विकास की राह पर है। अमरावती नायडू का प्रमुख विजन है, जो विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, लाखों आवास और आर्थिक केंद्रों का वादा करता है। वैधानिक दर्जा इसे चंडीगढ़ या पुदुच्चेरी जैसी स्वायत्तता प्रदान करेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केंद्र-राज्य संबंधों को मजबूत करने वाला कदम है। आगामी केंद्रीय बजट से पहले यह समय उपयुक्त है। गृह मंत्री ने सकारात्मक विचार का भरोसा दिलाया।
आंध्र प्रदेश के निवासियों के लिए यह अमरावती का नया दौर हो सकता है, जो दक्षिण भारत के विकास इंजन के रूप में उभरेगा।