
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कोनासीमा जिले में गैस रिसाव से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। हेलीकॉप्टर से किए गए इस दौर के दौरान उन्होंने नारियल के बागानों को हुए भारी नुकसान का जायजा लिया और किसानों को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश जारी किए।
औद्योगिक इकाई से रिसी हुई जहरीली गैस ने कृषि भूमि पर कहर बरपा दिया है। हजारों नारियल के पेड़ खराब हो चुके हैं, जिससे किसानों को अरबों का नुकसान हुआ है। नायडू ने हवा से ही अधिकारियों को नुकसान का आकलन तेज करने और राहत राशि वितरित करने को कहा।
‘हमारे किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्हें इस विपत्ति में अकेला नहीं छोड़ सकते,’ नायडू ने कहा। जिला कलेक्टरों को 48 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। कोनासीमा के नारियल उत्पादक इलाके में यह घटना चिंता का विषय बनी हुई है।
स्थानीय नेता इस कदम की सराहना कर रहे हैं और अन्य फसलों के नुकसान को भी शामिल करने की मांग कर रहे हैं। सरकारी टीमें जमीनी सत्यापन के लिए सक्रिय हो गई हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों ने औद्योगिक सुरक्षा पर सख्ती की मांग की है। राज्य सरकार ने जांच के साथ-साथ किसानों की मदद पर जोर दिया है।
यह हवाई सर्वे आंध्र के तटीय कृषि क्षेत्रों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। प्रभावित किसान उम्मीद बंधे हुए हैं कि जल्द राहत मिलेगी और वे दोबारा खेती शुरू कर सकेंगे।