
प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर आयोजित माघ मेले ने इस बार एक अनोखे आकर्षण का केंद्र बना लिया है। 11 हजार रुद्राक्ष की विशाल माला धारण किए और पूरे तन पर भस्म लिपटे एक नागा साधु ने लाखों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
माघ की ठंडी हवाओं के बीच गंगा-यमुना के मिलन स्थल पर रोजाना लाखों स्नानार्थी आते हैं, लेकिन इस साधु की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींच लिया। उनकी माला का वजन और आकार देखते ही बनता है, जो भगवान शिव की कृपा का प्रतीक है। भस्म से ढके उनके शरीर ने वैराग्य की मिसाल पेश की।
नागा साधु परंपरा की रक्षा करने वाले ये योद्धा साधु कुंभ और मेलों में विशेष रूप से दिखाई देते हैं। इस बार माघ मेले में उनकी एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। कईयों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया, तो कुछ ने मोबाइल पर तस्वीरें ले लीं।
अखाड़ा प्रबंधकों के अनुसार, इस साधु के आसपास भारी भीड़ उमड़ी, जिससे मेले का उत्साह दोगुना हो गया। सोशल मीडिया पर भी उनकी वीडियो वायरल हो रही हैं।
माघ मेला जो धार्मिक अनुष्ठानों का महाकुंभ है, ऐसे साधुओं की मौजूदगी से और समृद्ध होता है। यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक धरोहर को जीवंत रखता है, जहां वैराग्य और भक्ति का अनूठा संगम होता है।