
मालेगांव से अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव उमरैन महफूज रहमानी ने अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर तीखी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस कायरतापूर्ण कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इजरायल का गाजा और फिलिस्तीन पर लगातार हमला विश्व शांति के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
रहमानी ने जोर देकर कहा कि ऐसी आक्रामकता अस्वीकार्य है। दुनिया को शांति चाहिए, युद्ध की नहीं। सीमाओं का सम्मान ही सच्ची सुकून की कुंजी है। खामेनेई की शहादत इस्लाम के लिए गहरा आघात है। उन्होंने बहादुरी से अपनी जान कुर्बान की और संदेश दिया कि कभी किसी के आगे सिर नहीं झुकाना।
उनकी मौत ने दुनिया भर के मुसलमानों को स्तब्ध कर दिया है। हम इस दुख की घड़ी में शोक प्रकट करते हैं। सही-गलत का संघर्ष सदियों से चला आ रहा है। अब चुनौती है कि अपने लोगों और वतन की हिफाजत कैसे करें, जब दुश्मन हर मौके का फायदा उठाने को बेताब रहते हैं।
बताया जाता है कि अमेरिका-इजरायल हमले में खामेनेई के अलावा उनकी बेटी, पोता, दामाद समेत चार रिश्तेदार भी शहीद हो गए। ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार यह घटना क्षेत्रीय तनाव को और भड़काएगी।