
मुंबई पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए अंधेरी पूर्व के एक होटल में संचालित हो रहे बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा किया है। नौकरी का लालच देकर लाई गईं दो युगांडाई महिलाओं को जबरन वेश्यावृत्ति में झोंकने का मामला सामने आया। सांताक्रूज थाने की महिला अधिकारी की शिकायत पर छापेमारी में होटल विला पैलेस से पीड़िताओं को मुक्त कराया गया।
30 और 36 वर्षीय ये महिलाएं रोजगार के नाम पर मुंबई लाई गईं, लेकिन उन्हें होटल में कैद कर ग्राहकों के हवाले कर दिया गया। केन्याई महिला जैस्मीन ने इनकी तस्करी, ठहरने और ग्राहक जुटाने की पूरी जिम्मेदारी संभाली थी। उनकी आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी जाती थी।
छापे में होटल मैनेजर विवेककुमार वैद्यनाथ यादव, अनिल कुमार पुष्पाकर, धीरज जावले और महेश राजवरिया को गिरफ्तार किया गया। मालिक अक्षय शेडगे और जैस्मीन फरार हैं। सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच जारी है।
विदेशी मेहमानों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, सी-फॉर्म न जमा करना और नाम न दर्ज करना साजिश की ओर इशारा करते हैं। पुलिस को संदेह है कि यह रैकेट किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है। आगे जांच में और पर्दाफाश संभव है। मुंबई पुलिस ऐसी घटनाओं पर लगाम कसने के लिए प्रतिबद्ध है।