
मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने गंभीर यूएपीए मामले में इंजीनियरिंग छात्र अयान यूसुफ शेख की पुलिस हिरासत तीन दिन के लिए बढ़ा दी है। एटीएस की मांग पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया, भले ही बचाव पक्ष ने इसका जोरदार विरोध किया। यह निर्णय आतंकवाद विरोधी जांच और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन को दर्शाता है।
आज की सुनवाई में अयान के वकील इब्राहिम हरबत, सलाहुद्दीन और इनामा शेख ने कोर्ट से अपील की कि अतिरिक्त रिमांड संविधान के मूल अधिकारों का हनन है। उन्होंने तर्क दिया कि पंचनामा जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर हिरासत लंबी करना उचित नहीं। दूसरी ओर, एटीएस ने स्पष्ट किया कि केवल तीन दिनों की जरूरत बाकी जांच पूरी करने के लिए है।
कोर्ट ने बचाव के तर्कों को खारिज कर एटीएस को राहत दी और 16 मार्च को आरोपी को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया। अयान पर यूएपीए के तहत गंभीर आरोप हैं और एटीएस पहले भी कई बार रिमांड ले चुकी है। जांच एजेंसी का मानना है कि बिना पूर्ण प्रक्रिया के केस कमजोर हो सकता है।
यह मामला यूएपीए जैसे कठोर कानूनों में पुलिस हिरासत की अवधि पर सवाल उठाता है। बचाव पक्ष लंबी हिरासत को अधिकारों का उल्लंघन बता रहा है, जबकि एटीएस इसे आवश्यक बता रही। 16 मार्च की सुनवाई में आगे की कार्रवाई तय होगी, जब एटीएस अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।