
मध्य प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने जबरदस्त मुहिम चलाई है। राज्यभर में फैले साइबर धोखेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक आरोपी पकड़े गए हैं। यह अभियान भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में चलाया गया, जहां से ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब हुआ।
पुलिस ने बताया कि ये आरोपी निवेश घोटालों, यूपीआई फ्रॉड और फिशिंग के जरिए आम लोगों को लूट रहे थे। खासकर बुजुर्गों और नौकरी तलाशने वालों को निशाना बनाया जा रहा था। छापामार कार्रवाई में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक दस्तावेज जब्त किए गए। एक गिरोह ने ही छह महीनों में 5 करोड़ से ज्यादा का चूना लगाया था।
साइबर सेल के अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायतों में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी, जिसके बाद यह बड़ा ऐक्शन लिया गया। 25 लाख रुपये की राशि डिजिटल वॉलेट से बरामद हुई और कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। डीजीपी ने चेतावनी दी कि साइबर अपराधियों को प्रदेश में रहने का कोई मौका नहीं मिलेगा।
पीड़ितों से अपील है कि साइबर क्राइम पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यशालाएं चलाई जा रही हैं, जहां सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार सिखाया जा रहा है। यह मुहिम डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी, पुलिस ने भरोसा दिलाया।