
भोपाल में एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पंजीयन विभाग के साइबर पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने डिजिटल क्रांति के जरिए 75 से ज्यादा सेवाओं के लिए साइबर पंजीयन की सुविधा शुरू की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पारदर्शिता, शुद्धता और नवाचार पर जोर दे रही है। संपदा 1.0 और 2.0 के बाद यह नई पहल तकनीकी सुशासन की मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोन, मुक्तयारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा जैसी सेवाएं अब डिजिटल रूप से हो सकेंगी। यह पेपरलेस प्रक्रिया पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण के दस्तावेज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूरे होंगे। वीडियो केवाईसी से समय और धन की बचत होगी।
ई-गवर्नेंस में 14.95 लाख दस्तावेज पंजीकृत। 55 जिलों में साइबर तहसील लागू। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संपदा 2.0 की सराहना की, जो बिना कार्यालय जाए पंजीयन संभव बनाता है।
यह कदम मध्य प्रदेश को डिजिटल इंडिया का नेतृत्वक राज्य बनाता है।