
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, जिसमें कुल 19,287.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट नई आवश्यकताओं को पूरा करने और प्रमुख क्षेत्रों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने यह अनुपूरक अनुमान पेश किया। इसमें राजस्व व्यय के लिए 8,934.03 करोड़ और पूंजीगत व्यय के लिए 10,353.29 करोड़ रुपये शामिल हैं। नर्मदा घाटी विकास विभाग को सिंचाई योजनाओं के लिए 4,700 करोड़ का विशाल प्रावधान मिला, जो कृषि आधारभूत संरचना और जल सुरक्षा पर सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
ऊर्जा विभाग को राज्य विद्युत कंपनियों को अल्पकालिक ऋण के रूप में 2,630 करोड़ देकर बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई। शहरी विकास के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप स्थानीय निकायों को 1,569 करोड़, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को 248 करोड़ और विभागीय संस्थाओं को 370 करोड़ का प्रावधान है।
लोक निर्माण विभाग को भूमि अधिग्रहण, ग्रामीण एवं जिला सड़कों के लिए 1,337 करोड़, पुल निर्माण के लिए 225 करोड़ और प्रमुख पुलों के लिए 125 करोड़ मिले। मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना को 615 करोड़ से कमजोर वर्गों को सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना को 600 करोड़ और शिक्षा सहायक योजना को 120 करोड़ मिले। औद्योगिक नीति को निवेश आकर्षण के लिए 1,250 करोड़ का बजट। अन्य प्रावधानों में वित्त विभाग को 1,650 करोड़, वाणिज्यिक कर से फंड ट्रांसफर को 1,388 करोड़, खनिज विभाग को 321 एवं 140 करोड़, जल संसाधन को डैम कार्यों के लिए 600 करोड़ तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी को 300 करोड़ शामिल हैं।
यह बजट मध्य प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा, जिसमें संतुलित विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया गया है।