
मध्य प्रदेश के सरसों उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में सरसों की खरीदी पर भावांतर भुगतान योजना लागू करने का फैसला हुआ है, जो बाजार भाव के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करेगा। साथ ही, तुअर की पूरी पैदावार का सरकारी खरीद सुनिश्चित किया गया है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच नई दिल्ली में हुई चर्चा का परिणाम है। सीएम ने किसानों की चिंताओं को प्रमुखता से रखा, जिस पर केंद्र ने तत्काल सकारात्मक रुख अपनाया।
भावांतर योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार दर के अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी। मंत्री ने मध्य प्रदेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी और भुगतान प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए। इससे राज्य के हजारों किसानों को लाभ होगा।
तुअर किसानों को भी पूरी राहत मिलेगी, क्योंकि उनकी पूरी फसल का सरकारी स्तर पर उपार्जन होगा। इससे बाजार में भाव गिरने का खतरा समाप्त हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को दलहन-तिलहन का केंद्र बनाने पर बल दिया। केंद्र-राज्य की संयुक्त टीम मूंग, उड़द, चना, तिल, सरसों व ऑयल पाम के लिए लंबी अवधि की योजना तैयार करेगी।
फसल बीमा योजना में भी सुधार पर सहमति बनी। सोयाबीन जैसी फसलों के नुकसान आंकने में सैटेलाइट के साथ फसल कटाई प्रयोगों का उपयोग होगा, ताकि किसानों को सही मुआवजा मिले।
ये कदम मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाएंगे और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाएंगे।