
होली का त्योहार नजदीक आते ही मध्य प्रदेश में प्राकृतिक रंगों की बहार छा रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की दीदियों ने विशेष होली हैम्पर तैयार कर आमजन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। भोपाल से आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के सात वाहनों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उज्जैन, सागर, कटनी, सीहोर व रीवा की दीदियों द्वारा बनाए गए इन हैम्परों में प्राकृतिक रंग, देशी घी, मिठाइयां, गोकाष्ठ, पूजन सामग्री व टी-शर्ट सहित 10 उत्पाद समाए हैं। लॉन्च समारोह में इनकी तैयारी पर बनी लघु फिल्म दिखाई गई, जिसने सभी को प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री ने समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन कर स्वसहायता समूहों की कार्यशाला का शुभारंभ किया। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में उन्होंने कहा कि आजीविका दीदियां एकता की मिसाल हैं। उनकी एकजुटता लाखों की ताकत बनकर अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है। ट्रैक्टर से ड्रोन तक, गैस रिफिलिंग से कैफे संचालन तक बहनें हर क्षेत्र में अव्वल हैं। अचार-पापड़ जैसे छोटे उद्योगों से बेहतर आय कर रही हैं।
भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति का महत्व सर्वोपरि है, यही भावना राज्य सरकार बहनों के सशक्तिकरण में झलक रही है। 5 लाख स्वसहायता समूहों से 65 लाख दीदियां जुड़ीं, जिनमें 12 लाख लखपति दीदी बन चुकी हैं। एक वर्ष में 310 करोड़ का कारोबार किया। प्रदेश प्राकृतिक खेती में अग्रणी है, 50 हजार दीदियां इसमें लगी हैं। 2026-27 बजट में महिला बाल विकास को 26 प्रतिशत अधिक व ग्रामीण विकास पर 34 प्रतिशत व्यय का प्रावधान।
कार्यशाला में पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, कौशल मंत्री गौतम टेटवाल व राज्यमंत्री राधा सिंह मौजूद रहीं। दीदियों के स्टालों का अवलोकन कर चर्चा की। सीएम ने वर्चुअल रूप से ग्वालियर आजीविका मार्ट, जबलपुर एयरपोर्ट आउटलेट व होली मेलों का शुभारंभ किया। यह प्रयास होली को पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा।