
भोपाल में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है क्योंकि मध्य प्रदेश विधानसभा का अहम बजट सत्र सोमवार से प्रारंभ हो रहा है। सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं तथा सरकारी नीतियों और वित्तीय प्रस्तावों पर जोरदार बहस की उम्मीद है।
सरकार 18 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का विशालकाय बजट सदन में रखने जा रही है। 19 बैठकों वाला यह सत्र 6 मार्च तक चलेगा। राज्यपाल के अभिभाषण से शुरुआत होगी, जिसमें उपलब्धियां और भावी दिशा-निर्देश सामने आएंगे। उसके बाद वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे, जिसमें आय के अनुमान, व्यय विवरण और नई योजनाओं का ऐलान शामिल होगा।
सदन में तीखी चर्चाओं की पूरी संभावना है। विधायकों ने कुल 3,478 प्रश्न जमा किए हैं, जिनमें 2,253 ऑनलाइन पोर्टल से और 1,225 ऑफलाइन तरीके से आए हैं। 1,750 तारांकित प्रश्नों पर मंत्रियों को मौखिक जवाब देना पड़ेगा, जबकि 1,728 अतरांकित प्रश्नों के लिखित उत्तर मिलेंगे।
विपक्ष ने 192 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और आठ स्थगन प्रस्ताव देकर दबाव बनाया है। इनसे जनमुद्दों पर तत्काल बहस छेड़ी जा सकती है। स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं की कमी, योजनाओं में विलंब, जल संकट और कानून व्यवस्था से लेकर राज्यव्यापी औद्योगिक प्रगति, कृषि सहायता, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार तथा वित्तीय अनुशासन तक सभी विषय गूंजेंगे। यह सत्र सरकार की जवाबदेही तय करेगा।