
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में मोनिका बेदी का नाम एक समय चमक रहा था। लेकिन अबू सलेम जैसे कुख्यात गैंगस्टर पर आया उनका दिल न सिर्फ करियर खत्म कर गया, बल्कि जेल की सलाखों तक ले गया। आज रिहा हो चुकीं मोनिका एक नई जिंदगी जी रही हैं, जो प्रेरणादायक है।
1990 के दशक में ‘गुंडा’ और ‘जोड़ी नंबर 1’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पहचान बनाई। दर्शकों को उनका अंदाज भाया। मगर सलेम से कथित रिश्ते की खबरें आने लगीं। 2002 में पुर्तगाल से गिरफ्तार हुईं, जहां फर्जी पासपोर्ट के आरोप थे। भारत प्रत्यर्पण के बाद मुकदमे चले और सालों जेल में रहीं।
2016 में जेल से बाहर आईं तो सब बदल चुका था। अब रेडियो सिटी पर आरजे के रूप में लाखों श्रोताओं का दिल जीत रही हैं। सिख धर्म में गहरी आस्था है, गुरुद्वारों में समय बिताती हैं। बिजनेसमैन समीर कोहली से शादीशुदा जिंदगी सादगी भरी है।
योग, फिटनेस और परिवार पर फोकस। ‘जेल ने जीवन का असली मतलब सिखाया,’ कहती हैं वे। कोई पछतावा नहीं, सिर्फ सबक। मोनिका की कहानी बताती है कि गलतियों से सीखकर वापसी संभव है। आज वे शांति और संतुष्टि का प्रतीक हैं।