
भोपाल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन नागर को पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए वर्ष 2026 का पद्मश्री पुरस्कार मिलेगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कारों में उनका नाम शामिल होने से राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है।
मीडिया से बातचीत में नागर ने गर्व से कहा कि उनके कार्यों को मान्यता मिलना सुखद है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया। यह पुरस्कार बैतूल के आदिवासी भाइयों और गंगा अवतरण अभियान के स्वयंसेवकों को समर्पित है।
नागर का मानना है कि यह सम्मान बैतूल से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देश-विदेश तक पहुंचाएगा। एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नागर ने गांव के स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। उज्जैन जाने के बाद बैतूल में विद्या भारती के जरिए शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता फैलाई।
उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ की कि यह शासन चुपचाप काम करने वालों को सम्मानित कर प्रेरणा देती है। परिवार से प्रेरणा मिली—दादाजी नदी किनारे कचरा साफ करते थे। ग्रामीण जीवन की चुनौतियों को अवसर में बदलते रहे।
पीएम के मन की बात में ऐसे कार्यकर्ताओं का जिक्र होने से उत्साह बढ़ता है। अब मध्य प्रदेश के 55 हजार गांवों में कार्य तेज होगा। यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण की नई मिसाल बनेगा।