
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे ने नया मोड़ ले लिया है। इजरायली संसद नेसेट में ऐतिहासिक भाषण के बाद उन्हें सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया और फिर वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक ही कार में सवार होकर तकनीकी प्रदर्शनी की ओर बढ़े। इस दुर्लभ क्षण की फोटो खुद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा की।
यरूशलम की नेसेट में मोदी का संबोधन किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला मौका था। भाषण के ठीक बाद स्पीकर अमीर ओहाना ने ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ भेंट किया, जो संसद का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है।
अपने उद्बोधन में मोदी ने इस सम्मान को भारत-इजरायल की अटूट दोस्ती का प्रतीक बताया। उन्होंने दोनों लोकतंत्रों के साझा मूल्यों—नवाचार, सुरक्षा और प्रगति—पर जोर दिया। फोटो के कैप्शन में लिखा, ‘नेसेट में भाषण के बाद पीएम नेतन्याहू और मैं तकनीकी प्रगति प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी में जा रहे हैं।’
यह सम्मान मोदी की वैश्विक साख को नई ऊंचाई देता है। याद रहे, 2018 में उन्हें फिलिस्तीन का ग्रैंड कॉलर अवॉर्ड मिला था, जो वहां का सबसे बड़ा विदेशी सम्मान है। इस तरह वे दुर्लभ नेताओं की कतार में शामिल हो गए, जिन्हें क्षेत्र के दोनों छोरों से मान्यता मिली।
दौरा रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। नेतन्याहू संग यह साझा सफर न केवल व्यक्तिगत निकटता दर्शाता है, बल्कि रणनीतिक साझेदारी की मजबूती का संकेत भी। आने वाले दिनों में इससे बड़े समझौते संभव हैं।