
लखनऊ। बुधवार को राजधानी के एक प्रमुख विश्वविद्यालय में हंगामा मच गया जब एक उग्र भीड़ ने कुलपति कार्यालय पर हमला बोल दिया। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव पर निशाना साधते हुए उपद्रवियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की। खबरों के मुताबिक, छात्रों और कार्यकर्ताओं की भीड़ ने खिड़कियां तोड़ीं, फर्नीचर उथल-पुथल किया और नारेबाजी की।
घटना की पृष्ठभूमि में कैंपस पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रहे विवाद हैं। अपर्णा यादव, जो सीएम योगी आदित्यनाथ की भाभी और भाजपा नेता हैं, बैठक के सिलसिले में कार्यालय पहुंची थीं। सुरक्षा घेरा तोड़कर भीड़ अंदर घुस आई, जिससे हालात बेकाबू हो गए। यादव और स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस बुलाई, जिसने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन जांच शुरू हो गई है। अपर्णा ने बयान जारी कर ‘गुंडागर्दी’ की निंदा की। यह घटना छात्र आंदोलन और राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है।
पुलिस ने तोड़फोड़ और अवैध घुसपैठ के तहत मुकदमा दर्ज किया। विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम स्थगित कर दिए। राजनीतिक जानकार इसे यूपी की छात्र राजनीति का नया मोड़ मान रहे हैं। महिलाओं के मुद्दों पर बहस तेज हो गई है।