
दावोस में विश्व आर्थिक मंच 2026 के तीसरे दिन एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में 26 अरब अमेरिकी डॉलर के दो महत्वपूर्ण निवेश समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। ये सौदे मुंबई को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विनिर्माण और सतत विकास के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
टाटा समूह के साथ 11 अरब डॉलर का समझौता नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट एक विशाल इनोवेशन सिटी के निर्माण पर केंद्रित है, जो एआई तकनीक, अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर देगा। वहीं, भारत-स्विट्जरलैंड साझेदारी के तहत 15 अरब डॉलर की परियोजना स्विस विशेषज्ञता से सतत औद्योगिक पार्कों का विकास करेगी।
एमएमआरडीए ने तीन दिनों में 24 समझौतों के जरिए कुल 226.65 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं हासिल कीं, जो पिछले साल के 40 अरब डॉलर से कहीं अधिक है। यह किसी अर्ध-सरकारी संस्था का एक सत्र में अब तक का रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, ‘यह निवेश महाराष्ट्र की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था में दीर्घकालिक विश्वास है।’ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जोर दिया, ‘ये साझेदारियां हमारे विजन पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती हैं।’ महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने इसे प्राधिकरण के 51 वर्षों का सबसे बड़ा विदेशी निवेश उपलब्धि बताया, जो एकीकृत आर्थिक इकोसिस्टम की ओर बढ़ते कदम को रेखांकित करता है।
ये परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण रोजगार, मजबूत लॉजिस्टिक्स और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करेंगी, मुंबई को वैश्विक पटल पर चमकाएंगी।