
मिजोरम में नई रेल लाइन के उद्घाटन ने एक नया दौर शुरू कर दिया है। सैरांग रेलवे स्टेशन से अब तक 22,500 से अधिक इनर लाइन परमिट (आईएलपी) जारी हो चुके हैं, जो पर्यटन और कनेक्टिविटी में उछाल को दर्शाता है।
यह स्टेशन अब आईएलपी वितरण का प्रमुख केंद्र बन गया है। यात्री ट्रेन से उतरते ही परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। डिजिटल सिस्टम और प्रशिक्षित कर्मचारियों ने प्रक्रिया को सरल बना दिया है, जिससे प्रतीक्षा समय कम हो गया।
इस तेजी का कारण नई रेल सुविधा है, जो दूरस्थ इलाकों को जोड़ रही है। पर्यटक मिजोरम की हरी-भरी पहाड़ियों, सांस्कृतिक उत्सवों और साहसिक यात्राओं के लिए आ रहे हैं। राज्य सरकार का अनुमान है कि इससे पर्यटन राजस्व में भारी वृद्धि होगी।
स्थानीय नेता इसे आर्थिक क्रांति बता रहे हैं। होटल, परिवहन और हस्तशिल्प क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण और भीड़ प्रबंधन चुनौतियां बनी हुई हैं।
सरकार जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रही है। आने वाले समय में अन्य स्टेशनों पर भी ऐसी सुविधाएं विस्तारित होंगी। यह विकास मिजोरम को भारत के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।