
भुवनेश्वर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर रविवार को ओडिशा के प्रमुख शिव मंदिरों में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दर्शन किया। मंदिरों के शिखरों पर महादीप प्रज्ज्वलन की रात्रि विशेष पूजा ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लिंगराज मंदिर भुवनेश्वर, पुरी का लोकनाथ मंदिर, ढेंकनाल के कपिलाश चंद्रशेखर मंदिर और कटक के अथागढ़ धबलेश्वर मंदिर में प्रातःकाल से ही भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु भगवान बमभोले के जयकारे लगाते हुए कतारों में दर्शन के लिए तैयार खड़े रहे।
दिन चढ़ने पर संख्या और बढ़ गई। हजारों भक्त विशेष रूप से महादीप आरती और मिट्टी के दीयों को प्रज्ज्वलित करने के लिए सायंकालीन समय में पहुंचे। फूलों की मनमोहक सजावट और असंख्य दीपकों की ज्योति ने वातावरण को दिव्य बना दिया।
श्रद्धालुओं ने दिन भर भजन-कीर्तन, जप और अनुष्ठानों में लीन रहे। मंदिर प्रबंधनों ने भारी भीड़ प्रबंधन हेतु विशेष व्यवस्था की, जिसमें जल वितरण, चिकित्सा सुविधाएं और व्यवस्थित दर्शन शामिल थे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, पुलिस ने मंदिर परिसरों में ड्रोन उड़ान पर प्रतिबंध लगा दिया। लिंगराज मंदिर में रात 10 बजे महादीप स्थापना का मुख्य आकर्षण रहा।
हालांकि चंद्रशेखर और लिंगराज मंदिरों में पुजारियों के पुलिस व्यवहार पर आक्रोश से पूजा थोड़ी देर रुकी, लेकिन वार्ता के बाद सब सामान्य हो गया।
यह महाशिवरात्रि ओडिशा की आध्यात्मिक परंपराओं की जीवंतता को दर्शाती है, जहां भक्ति का सैलाब सामाजिक एकता को मजबूत करता है।