
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को उग्रवादियों ने पहाड़ी इलाके के टाइगर रोड पर दो वाहनों पर घात लगाकर हमला बोल दिया। इस क्रूर घटना में कुकी समुदाय के तीन प्रमुख चर्च नेताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, मृतक कांगपोकपी-चुराचांदपुर (लमका) मार्ग से लौट रहे थे, जहां वे यूबीसी कन्वेंशन में शरीक हुए थे। हमलावरों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें वुमथांग, पादरी पाओगौलेन और पादरी कैगौलुन की जान चली गई।
कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (केएसओ) ने सोशल मीडिया के जरिए नागा उग्रवादी समूहों पर आरोप लगाया। संगठन का दावा है कि चार नेताओं की हत्या हुई और कई लोग गंभीर रूप से जख्मी हैं। केएसओ ने तत्काल निष्प्क जांच की मांग की है ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, साथ ही अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। इसी कड़ी में, पिछले 24 घंटों में एनआरएफएम, केसीपी, प्रेपाक और केवाईकेएल जैसे प्रतिबंधित गुटों के पांच उग्रवादियों को पकड़ा गया।
असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस कमांडो के संयुक्त अभियान में इम्फाल वेस्ट व काकचिंग में उग्रवादी ठिकाने ध्वस्त हुए। बड़ी मात्रा में हथियार, आईएनएसएएस राइफल, एके-56, स्नाइपर, पिस्टल, बम व गोला-बारूद जब्त किया गया। अधिकारीों ने कहा कि शांति बहाली के लिए अभियान जारी रहेगा। यह घटना मणिपुर में कुकी-नागा तनाव को और गहरा सकती है।
