
मेघालय विधानसभा के आगामी बजट सत्र में राज्य सरकार नौकरियों में आरक्षण नीति पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने जा रही है। यह कदम स्थानीय निवासियों के लिए सरकारी नौकरियों में कोटा सुनिश्चित करने की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट की तैयारी में कई समितियों और हितधारकों से विस्तृत परामर्श किया गया है। आदिवासी समुदायों, युवा संगठनों और विशेषज्ञों की राय को इसमें समाहित किया गया है। राज्य की अनूठी जनसांख्यिकीय संरचना को ध्यान में रखते हुए आरक्षण प्रतिशत पर स्पष्ट सिफारिशें प्रस्तुत की जाएंगी।
मेघालय में वर्तमान में सरकारी नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण स्थानीय लोगों के लिए है, लेकिन बदलते परिवेश में इसकी समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। रिपोर्ट में डेटा-आधारित विश्लेषण के साथ मेरिट और आरक्षण के संतुलन पर जोर दिया गया है।
बजट सत्र के दौरान इस रिपोर्ट पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों ही इसे गंभीरता से लेंगे। सफल कार्यान्वयन से राज्य में बेरोजगारी कम करने और युवाओं को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का यह निर्णय युवाओं के बीच सकारात्मक संदेश दे रहा है। पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्ष सतर्क हैं। सत्र की कार्यवाही से न केवल नीति स्पष्ट होगी, बल्कि विकास के नए द्वार भी खुलेंगे।
मेघालय के आर्थिक परिदृश्य में सरकारी नौकरियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस रिपोर्ट के माध्यम से समावेशी विकास की दिशा मजबूत होगी। सभी की निगाहें अब बजट सत्र पर टिकी हैं।