
दिल्ली के बिंदापुर इलाके स्थित मंसाराम पार्क में 11 मार्च 2026 की देर रात अचानक भड़की आग ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। झुग्गी-झोपड़ियों के घनी आबादी वाले इस हिस्से में आग की लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि अफरा-तफरी मच गई। लेकिन पुलिस और दमकल विभाग की फुर्तीली कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया, बिना किसी जानमाल के नुकसान के।
रात 11:57 बजे बिंदापुर थाने को पीसीआर कॉल मिली। तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस ने रहवासियों को सुरक्षित निकाला और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। 28 फायर टेंडरों ने रातभर संघर्ष किया और सुबह 3 बजे तक आग बुझा दी। लगभग 80 झुग्गियां तबाह हो गईं, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
यह पहला हादसा नहीं। 7 मार्च को भी यहीं छोटी आग लगी थी, जिसे 8 टेंडरों ने बुझाया। उस समय धारा 326(एफ) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज हुई। राजस्व विभाग के अनुसार यह निजी जमीन है, पर मालिकाना हक पर विवाद है। कचरा जलाने की पुरानी शिकायतें हैं।
7 मार्च को डीएम कपेशेरा ने सफाई अभियान प्लान किया था, जो लॉजिस्टिक कारणों से टल गया। आग का कारण अभी स्पष्ट नहीं। द्वारका डीसीपी कुशल पाल सिंह ने कहा, ‘त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रित। जांच पूरी होने पर कारण पता चलेगा।’
जिला प्रशासन एमसीडी के सहयोग से जल्द मलबा हटाने का ड्राइव चलाएगा। ये लगातार हादसे दिल्ली के झुग्गी क्षेत्रों में आग सुरक्षा और सफाई की कमी को उजागर करते हैं। प्रभावित परिवारों को पुनर्वास की जरूरत है।