
उत्तर भारत में पड़ रही कठोर ठंड के बावजूद प्रयागराज के पवित्र संगम तट पर माघ मेले में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। हड्डी छिलनेवाली सर्दी में भी श्रद्धालु गंगा-यमुना-सारस्वत के संगम में डुबकी लगाने को आतुर दिखे। यह दृश्य आस्था की अपार शक्ति का जीवंत प्रमाण बन गया।
माघ मास की इस पावन यात्रा में पहले ही स्नान दिवस पर 50 हजार से अधिक भक्तों ने आचरण किया। धुंधले कोहरे के बीच सुबह होते ही घाट सज-धजकर श्रद्धालुओं से पट गए। भस्म लगाए साधु-संतों के जुलूस और भक्तों की भारी भीड़ ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। हजारों पुलिसकर्मी, चिकित्सा दल और नाविक तैनात रहे। अस्थायी शिविरों में गर्म कपड़े व भोजन वितरित किए गए। कोई बड़ी अप्रिय घटना न होने से आयोजक संतुष्ट दिखे।
माघ मेला हिंदू परंपराओं का अनमोल रत्न है, जो पापों से मुक्ति और कल्याण का वरदान देता है। फाल्गुन तक चलने वाले इस मेले में और भी स्नान पर्व बाकी हैं, जो लाखों भक्तों को आकर्षित करेंगे। आस्था की इस ज्योति ने सर्द हवाओं को भी चुनौती दे दी।
