
मार्च में चैत्र नवरात्रि की धूम शुरू होने वाली है। नौ दिनों तक देशभर में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना होगी। लेकिन उज्जैन के घने जंगलों में छिपी मसान मेलडी माता का रहस्य कम ही लोग जानते हैं। गुजरात की रक्षक मानी जाने वाली यह तांत्रिक देवी भक्तों को चमत्कारी शक्तियों का अनुभव कराती हैं।
भैरवगढ़ के जंगलों में स्थित यह गुप्त मंदिर पहुंचना आसान नहीं। रास्ते में बांस के घने झुरमुट और पेड़ों पर गड़े नींबू, कीलें व कपड़े की गुड़ियां तंत्र साधना के प्रमाण हैं। अघोरी यहां रातभर तपस्या करते हैं।
छोटे से टीन के शेड में बनी मंदिर में मां की चरण पादुका और धातु प्रतिमा विराजमान हैं। भक्त तेल-इत्र चढ़ाते हैं, जिनकी मनोकामना तुरंत पूरी होती है। सूर्यास्त के बाद प्रवेश वर्जित है, क्योंकि तब तांत्रिक साधना करते हैं।
मां मसान मेलडी दुर्गा का रूप हैं, जिन्होंने असुर अमरुव को मारा। पार्वती के क्रोध से बचने को गाय के कंकाल में छिपे अमरुव का संहार इन्होंने किया। गुजरात के गांवों में आज भी इन्हें रक्षक माना जाता है। यह स्थल आस्था और तंत्र का अनोखा संगम है।