
नई दिल्ली, 28 फरवरी। मार्च मास का प्रारंभ भगवान शिव को समर्पित रवि प्रदोष व्रत के साथ हो रहा है। इस व्रत को रखने से भक्तों को पिछले जन्मों के पापों से भी मुक्ति मिलती है, जो इसे हर शिव उपासक के लिए विशेष बनाता है।
मास में दो बार आने वाला प्रदोष व्रत इस बार रविवार को पड़ रहा है। यह दिन भद्रा रहित होने से नए कार्यों की शुरुआत के लिए श्रेष्ठ है। त्रयोदशी तिथि 1 मार्च को शाम 7:09 बजे तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी प्रारंभ होगी।
सूर्योदय सुबह 6:47 बजे, सूर्यास्त शाम 6:22 बजे तथा चंद्रोदय 4:17 बजे होगा। शुभ मुहूर्तों में अभिजित दोपहर 12:11 से 12:58 बजे तक, गोधूलि शाम 6:19 से 6:44 बजे तक तथा अमृत काल सुबह 6:18 बजे से 2 मार्च सुबह 7:51 बजे तक चलेगा।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:08 से 5:57 बजे तथा विजय मुहूर्त 5:33 से 6:47 बजे तक रहेगा। रवि पुष्य योग सुबह 6:47 से 8:34 बजे तक बनेगा। अशुभ काल में राहुकाल शाम 4:55 से 6:22 बजे, गुलिक दोपहर 3:28 से 4:55 बजे तथा यमगंड 12:34 से दोपहर 2:01 बजे तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त शाम 4:49 से 5:25 बजे तथा वर्ज्य मुहूर्त 8:59 से 10:32 बजे तक। दिशाशूल पश्चिम दिशा में है, इस ओर यात्रा से बचें। इस पंचांग से मार्च की शुभ शुरुआत करें।