
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐतिहासिक सफलता की घोषणा की है। गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के बनाए अंतिम 44 स्मारकों को ध्वस्त कर दिया है। ये संरचनाएं वर्षों से दूरस्थ इलाकों में आतंक का प्रतीक बनी हुई थीं।
फडणवीस ने एक्स पर लिखा कि गढ़चिरौली पुलिस के साहसी जवानों को हृदय से बधाई। यह कार्रवाई केवल इमारतें गिराने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के मन से व्याप्त भय को मिटाने वाली है। माओवादियों ने इन्हें स्थानीय ग्रामीणों को डराने और अपनी ताकत दिखाने के लिए बनाया था।
सरकार की अटल नीति ने जिले का परिदृश्य बदल दिया है। सुरक्षा अभियान, आत्मसमर्पण योजना, विकास कार्य और जनता का भरोसा इसकी कुंजी हैं। लगभग 800 कर्मियों वाले संयुक्त दस्ते—गढ़चिरौली पुलिस, सी-60 कमांडो, सीआरपीएफ और विशेष इकाइयों—ने एतापल्ली, हेदरी, भामरागड, जिमलागट्टा, धनोरा व पेंढारी में तलाशी ली।
बीडीडीएस जांच के बाद वन क्षेत्रों में छिपे स्मारक नष्ट किए गए। जहां डर का साया था, वहां अब प्रशासनिक विश्वास और प्रगति की किरणें हैं। फडणवीस ने कहा, यह गढ़चिरौली की नई सच्चाई है—भय से विश्वास, हिंसा से विकास की ओर बढ़ता कदम।
माओवाद की कोई निशानी बाकी नहीं। कानून का राज कायम है, शांति व विकास की दिशा अडिग। सुरक्षा बल जनता की रक्षा में पूर्ण समर्पित हैं।