
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर हिंदुत्व की विचारधारा पर सवाल उठाकर राजनीतिक हलचल मचा दी है। बीजेपी नेता योगेंद्र चंदोलिया ने इसे कांग्रेस का वोट बैंक बचाने की साजिश करार दिया है। आने वाले चुनावों से पहले यह बयानबाजी दोनों दलों के बीच तलवारें भांजने का संकेत दे रही है।
चंदोलिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘अय्यर साहब अपने वोट बैंक को एकजुट करने के लिए हिंदुत्व पर हमला बोल रहे हैं। यह उनकी हताशा का प्रमाण है। कांग्रेस को हिंदू वोटरों का भरोसा खो चुकी है, अब अल्पसंख्यक तुष्टिकरण पर निर्भर है।’
अय्यर ने अपने भाषण में हिंदुत्व को राजनीतिक उपकरण बताते हुए कहा कि असली हिंदू धर्म सहिष्णु और समावेशी है, न कि भाजपा जैसी आक्रामक विचारधारा। उन्होंने गांधीजी और अन्य संतों के उदाहरण दिए।
यह पहली बार नहीं जब अय्यर ने ऐसी टिप्पणी की। 2017 में मोदी पर ‘चायवाला’ कहने से विवाद हुआ था। भाजपा इन्हें कांग्रेस की ‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’ का प्रतीक मानती है।
चंदोलिया ने कांग्रेस के शासनकाल की नीतियों पर भी प्रहार किया। ‘शाह बानो केस से लेकर अयोध्या तक, कांग्रेस ने हिंदू भावनाओं की अनदेखी की। अब नाटक कर रहे हैं।’
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि हिंदुत्व भाजपा का मजबूत आधार है। कांग्रेस का हमला जोखिम भरा है, जो मुस्लिम वोट तो जोड़ सकता है लेकिन हिंदू बहुमत को नाराज भी।
कांग्रेस आलाकमान ने चुप्पी साधी है, जो रणनीतिक समर्थन का संकेत देती है। चंदोलिया ने चेतावनी दी, ‘जनता इस ड्रामे को समझती है। हिंदुत्व राष्ट्र की आत्मा है।’
चुनावी मैदान में यह जंग विचारधाराओं पर होगी। अय्यर का दांव सफल होगा या उल्टा पड़ेगा, समय बताएगा।