
चंडीगढ़, 22 फरवरी। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर तीखा प्रहार किया है। आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि कानून में प्रदेश स्तर पर SIR कराने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया था और कानूनी स्पष्टता की मांग की थी।
तिवारी ने कहा कि जहां भी SIR हुई, वहां पारदर्शिता की कमी दिखी। वोटरों के नाम लक्षित तरीके से काटे गए। पश्चिम बंगाल का उदाहरण सबके सामने है, जहां ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। इससे विपक्ष का चुनाव आयोग पर विश्वास डगमगा गया है।
अमेरिकी टैरिफ नीति पर भी उन्होंने केंद्र को कटघरे में खड़ा किया। ट्रंप के 15 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ के बीच भारत ने 70 वस्तुओं पर शुल्क शून्य कर दिया। ऐसे में व्यापार समझौता एकतरफा लगता है। भारत को 15 प्रतिशत टैरिफ देना पड़ेगा, जबकि अमेरिका को कुछ नहीं।
दूसरी तरफ, बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर हमला बोला। राहुल गांधी के नेतृत्व से नेता दूर हो रहे हैं। वे नेहरूवादी या इंदिरावादी हैं, लेकिन राहुल के गांधीवादी नहीं। यह उनकी राष्ट्र-विरोधी सोच को दर्शाता है।
