
मणिपुर में जातीय तनाव के बीच सौहार्द का अनुपम प्रतीक बनकर उभरा है। मैतेई, कुकी, नागा और मैतेई पंगल (मुस्लिम) समुदायों के 24 युवाओं ने 11 दिवसीय राष्ट्रीय एकता यात्रा की शुरुआत की। 33वीं बटालियन असम राइफल्स द्वारा आयोजित यह यात्रा केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के प्रमुख शहरों- तिरुवनंतपुरम, कन्याकुमारी, मुंबई व कोलकाता तक जाएगी।
मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने इंफाल के केइतलमानबी स्थित असम राइफल्स परिसर में हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि ये युवा एकजुट मणिपुर का प्रतीक हैं। प्रत्येक समुदाय से छह-छह प्रतिभागी चयनित किए गए हैं।
सीएम ने जातीय संघर्ष में असम राइफल्स द्वारा 47,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानांतरित करने की सराहना की। उन्होंने अपील की, “विवादों को भुलाकर शांति व विकास की ओर बढ़ें। बच्चों के भविष्य से समझौता न करें।”
संवाद सत्र में सीएम ने कुकी भाषा में पूछा, “बु नानेहतहम?” जवाब मिला, “का ने ताई।” युवाओं को अनुभव समृद्ध करने का आह्वान किया। प्रतीक रूप से चार समुदायों के सदस्यों का समूह बनाकर एकता ध्वज सौंपा गया। किट वितरित कर राज्य सहयोग का भरोसा दिलाया।
यह यात्रा मणिपुर की एकता को मजबूत करेगी, विविधता में सामंजस्य का संदेश देगी।