
मणिपुर के उखरुल जिले में बुधवार को तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जब उखरुल-इंफाल मार्ग पर सफर कर रहे 20 से ज्यादा तांगखुल नागा नागरिकों को कथित रूप से दूसरे समुदाय के लोगों ने हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, शांगकाई गांव में यह घटना हुई, जो लिटन थाने से लगभग 5 किलोमीटर दूर है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने उखरुल-इंफाल सड़क पर बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, जहां लिटन क्षेत्र में निर्दोष लोगों को बंधक बनाया जा रहा है। उनके कार्यालय के बयान में कहा गया कि दोषियों से मानवता का परिचय देने और सभी को तत्काल रिहा करने की अपील की गई है।
पीड़ित परिवारों और जनता को भरोसा दिलाया गया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए कदम उठाएगी। राज्य हर नागरिक की सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है।
वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और रिहाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सिविल सोसाइटी संगठनों से शांति बहाली में सहयोग की अपेक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अवैध कार्रवाइयों के खिलाफ सख्ती की चेतावनी दी। फरवरी में लिटन-सारेखोंग में कुकी-तांगखुल झड़पों से 30 से अधिक घर जल गए थे।
तांगखुल मणिपुर की प्रमुख नागा जनजाति है। तांगखुल नागा लॉन्ग ने दो घंटे का अल्टीमेटम दिया। सुरक्षा बलों ने छापेमारी शुरू की। शांगकाई ग्राम प्राधिकरण ने हस्तक्षेप की मांग की।