
मणिपुर में शांति बहाली के लिए सुरक्षाबलों ने कमर कस ली है। एक से सात फरवरी तक चले संयुक्त अभियानों में भारतीय सेना के स्पीयर कोर, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने इंफाल वेस्ट, ईस्ट, थौबल, तेंगनौपाल, बिष्णुपुर व फेरजawl जिलों में सात सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया।
इन कार्रवाइयों से 18 हथियार, भारी मात्रा में विस्फोटक व युद्धक सामग्री जब्त हुई। पहली सफलता एक फरवरी को मिली जब थौबल पुलिस कमांडो व असम राइफल्स ने मायांग इंफाल में कांगलेई यावोल कन्ना लुप के सदस्य को पकड़ा। उसके कब्जे से स्मार्टफोन व सिम मिले।
दो फरवरी को टोंगलहांग गांव के निकट छिपे अड्डे पर धावा बोलकर एके-47, दो पिस्तौलें, दो सिंगल बैरल राइफलें, तीन रेडियो सेट, 18 आईईडी, गोला-बारूद बरामद किया। सभी आईईडी को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नष्ट कर दिया। उसी दिन काकवा व लाम्बल में पीएलए के दो कैडर गिरफ्तार हुए।
तीन फरवरी को लोकटक झील के फुबाला गांव में 9 एमएम कार्बाइन, पिस्तौलें, राइफल ग्रेनेड, लाथोड बम, कारतूस व स्नाइपर स्कोप बरामद। लाम्बल में बोल्ट एक्शन राइफल, सात पिस्तौलें, 64 कारतूस व ग्रेनेड मिले। तेंगनौपाल में घात को विफल कर एके-56 व एम4 राइफल जब्त की।
पांच फरवरी को पुंगडोंगबाम से प्रेपाक (प्रोग्रेसिव) का सदस्य, छह को सिंगजामेई से यूनलफ (कोइरेंग) कैडर व सात को एंड्रो मार्ग व सेनजाम खुनौ से दो प्रेपाक कैडर पकड़े गए।
खुफिया सूचनाओं पर आधारित ये अभियान उग्रवाद पर लगाम कसने में मील का पत्थर साबित हुए। सुरक्षाबल राज्य में शांति के लिए ऐसी कार्रवाइयां जारी रखेंगे।