
मंगलुरु सिटी साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के विशाल नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। कर्नाटक में चल रहे विशेष अभियान के तहत दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 70 से अधिक बैंक खाते जब्त कर लिए गए।
क्राइम नंबर 11/2026 के केस में बीएनएस की धारा 308(5), 318(4), 319(2), 3(5) और आईटी एक्ट 66(सी), 66(डी) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। शिकायतकर्ता मोहम्मद सिनान ने 10 मार्च 2026 को बताया कि उनके जान-पहचान वाले मोहम्मद अनीश और सलीथ अहमद एम ने ट्रेडिंग के नाम पर उनके खाते में पैसे डलवाए, जो बाद में फ्रॉड में उपयोग हुए।
तकनीकी जांच और मोबाइल डेटा विश्लेषण से आरोपियों का सुराग लगा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों मंगलुरु में आम लोगों से खाते इकट्ठा कर साइबर अपराधियों को देते थे। 30 वर्षीय मोहम्मद अनीश और 32 वर्षीय सलीथ अहमद एम को हिरासत में लिया गया।
जब्त सामान में 4 मोबाइल, 18 डेबिट कार्ड, 17 पासबुक, 6 चेकबुक, 1479.31 यूएसडीटी क्रिप्टो और मारुति कार शामिल हैं। आरोपियों ने कबूला कि वे सस्ते में भारतीयों से यूएसडीटी खरीदते और व्हाट्सएप-टेलीग्राम से चीनी फ्रॉडरों को महंगे दाम पर बेचते। फ्रॉड का पैसा उनके दिए खातों में आता, फ्रीज होने पर नए जुटा लेते।
जांच में मंगलुरु और आसपास 70+ खाते मिले, जिनमें 37 एनसीआरबी पर चिह्नित। देशभर में 88 से ज्यादा शिकायतें जुड़ीं। वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है।
यह कार्रवाई साइबर अपराध के पथप्रदर्शकों पर पुलिस की सख्ती दर्शाती है। लोगों से अपील है कि बैंक खाते साझा न करें।