
दिल्ली-नोएडा सीमा पर यमुना नदी में शनिवार शाम को बसंत पंचमी के एक दिन बाद देवी सरस्वती की मूर्ति विसर्जन के दौरान एक युवक बह गया। उसकी पहचान विकास के रूप में हुई है और अब तक उसका कोई पता नहीं चला है। एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां सुबह से जोर-शोर से तलाश कर रही हैं।
घटना दिल्ली बोट क्लब के पास करीब 8 बजे घटी। चश्मदीदों के अनुसार, पैदल विसर्जन जुलूस में विकास का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव वाली नदी में समा गया। सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
रात 8:30 बजे एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। दिल्ली पुलिस, फायर सर्विस और यूपी एसडीआरएफ ने भी पूरा सहयोग दिया। रात में खराब रोशनी के कारण अभियान रुका, लेकिन रविवार सुबह 6:30 बजे गोताखोरों ने फिर से खोज शुरू कर दी।
पूर्वी दिल्ली के डीएम अमोल श्रीवास्तव ने बताया कि अलर्ट मिलने पर प्रशासनिक टीमें फौरन सक्रिय हो गईं। विकास के भाई ने कहा, ‘हम शाम 7 बजे विसर्जन के लिए आए थे। बीच में उसका पैर सरक गया। कल से तलाश चल रही है।’
बोट क्लब इंचार्ज हरीश कुमार के मुताबिक, गोताखोर लगातार नदी की तलाशी ले रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं। प्रशासन ने लोगों से नदियों किनारे सावधानी बरतने की अपील की है। मूर्ति विसर्जन में जीवन रक्षक जैकेट और निगरानी जरूरी बताई जा रही है। यह घटना धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है।