
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसदों की हिरासत पर भारी गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोकतंत्र है, भाजपा की निजी संपत्ति नहीं। दिल्ली में संसद भवन के पास प्रदर्शन के दौरान टीएमसी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद ममता का आक्रोश फूट पड़ा।
ममता ने कोलकाता में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमारे सांसद जनता की आवाज उठा रहे थे, उन्हें कैद कर लिया गया। यह भाजपा का गुंडागर्दी वाला रवैया है।’ उन्होंने बंगाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सहायता और मनरेगा फंड जारी करने की मांग को दोहराया।
घटना की पूरी जानकारी यूं है कि कल्याण बनर्जी और सायोनी घोष जैसे प्रमुख टीएमसी सांसद दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गए। प्रदर्शनकारी बंगाल के लंबित मुद्दों पर केंद्र की निष्क्रियता के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। हिरासत कुछ घंटों तक चली, लेकिन राजनीतिक तापमान चढ़ गया।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को दबाने के लिए राज्य तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। ‘बंगाल की जनता यह अत्याचार भूलने वाली नहीं,’ उन्होंने चेतावनी दी। टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जबकि सोशल मीडिया पर #SaveDemocracy ट्रेंड करने लगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आगामी चुनावों से पहले भाजपा-टीएमसी जंग को और भड़का देगी। ममता सरकार ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है, जिसमें समान अवसर की मांग की गई है। लोकतंत्र की इस लड़ाई में बंगाल की नजरें केंद्र पर टिकी हैं।