
महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि पवार भाजपा छोड़कर अपने पुराने साथियों के साथ लौटने वाले थे। इस रहस्यमयी हादसे की निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी की मांग की है।
ममता ने कहा कि अहमदाबाद हादसे के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है। देश में न तो आम जनता सुरक्षित है और न ही नेता। समय की कमी के कारण मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी चार्टर्ड विमानों पर निर्भर हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की क्या गारंटी? उन्होंने डीजीसीए की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई हादसे हो चुके हैं, अब बहुत हुआ।
सोशल मीडिया पर किसी अन्य पार्टी के बयान से उन्हें पता चला था कि अजित पवार भाजपा त्यागने को तैयार थे। ममता ने सभी जांच एजेंसियों पर भरोसा न करने की बात कही और सुप्रीम कोर्ट को ही एकमात्र भरोसेमंद बताया। पवार के परिवार, महाराष्ट्र जनता और शरद पवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट में उन्होंने खुद को स्तब्ध बताया और इसे देशहानि करार दिया। यह घटना राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला रही है, जहां अजित पवार का संभावित पलायन अब सवालों के घेरे में है। विमानन सुरक्षा और राजनीतिक साजिशों पर बहस तेज हो गई है।