मालदा एडीएम को न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मामले में कारण बताओ नोटिस
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के एडीएम को निचली अदालत के न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बनाने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह घटना...

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के एडीएम को निचली अदालत के न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर बंधक बनाने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह घटना प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में हड़कंप मचा रही है।
जानकारी के अनुसार, एक सामान्य प्रशासनिक बैठक के दौरान एडीएम ने न्यायाधीशों को बाहर जाने से रोका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बैठक तनावपूर्ण हो गई और मजिस्ट्रेटों को घंटों तक रोक लिया गया। वकीलों के संगठनों ने इसे न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
जिला प्रशासन ने शिकायत मिलते ही संभागीय आयुक्त स्तर से नोटिस जारी किया। इसमें एडीएम से 48 घंटे के अंदर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। असंतोषजनक जवाब मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई या निलंबन की चेतावनी दी गई है।
मालदा में पहले भी भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक दबाव के मामले चर्चा में रहे हैं। विपक्षी दल उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष इसे गलतफहमी बता रहा है। 'कोई बंधक बनाना नहीं था, सिर्फ चर्चा थी,' एडीएम के करीबी ने कहा।
न्यायपालिका ने चुप्पी साध रखी है, लेकिन अवमानना की कार्रवाई की अटकलें हैं। यह घटना कार्यपालिका-न्यायपालिका संबंधों की खामियों को उजागर करती है। आने वाले दिनों में प्रशासन का रुख तय करेगा कि जवाबदेही बरती जाएगी या नौकरशाही हावी रहेगी।
मालदा की जनता इस मामले पर नजर रखे हुए है, क्योंकि यह स्थानीय शासन की विश्वसनीयता का सवाल बन चुका है।


