
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ जबरदस्त सफलता हासिल की है। घने जंगलों में तीन दिनों तक चले संयुक्त अभियान में गढ़चिरौली पुलिस और सीआरपीएफ ने सात हार्डकोर माओवादियों को मार गिराया। इस कार्रवाई में संगठन के वरिष्ठतम नेता भी शामिल थे, जो नक्सली ढांचे को गहरा झटका देगी।
तीन फरवरी को खुफिया जानकारी मिली कि माओवादी कोई बड़ा हमला करने की फिराक में हैं। एसडीपीओ अमर मोहिते के नेतृत्व में सी-60 के 14 दस्ते जंगल में उतर पड़े। चार फरवरी को माओवादियों ने घात लगाकर गोलीबारी की, लेकिन जवानों ने डटकर मुकाबला किया और उनके दो अड्डे तबाह कर दिए।
पांच फरवरी को अतिरिक्त बलों के साथ अभियान तेज हुआ। उसी दिन तीन माओवादी ढेर, उनके पास एके-47 और एसएलआर बरामद। छह फरवरी को चार और नक्सली मारे गए। मृतकों में प्रभाकर उर्फ रवि (57 वर्ष) प्रमुख, जिन पर 25 लाख का इनाम और 113 अपराध दर्ज थे। बाकी पागू मोडाम, अनिला उर्फ बुदरी, कामेश पदा, भजनाथ उर्फ भिमा, मंगली कुरसाम व जोगी सोढ़ी-मडावी थे। कुल इनाम 71 लाख रुपये।
जब्ती में तीन एके-47, एक एसएलआर, .303 राइफल, 173 कारतूस, तीन बीजीएल, सात मैगजीन, विस्फोटक, साहित्य व सामान मिला। सी-60 जवान दीपक चिन्ना मडावी शहीद हुए, जोगा मडावी घायल। दीपक को राजकीय सम्मान दिया गया।
अपर डीजी डॉ. छेरिंग दोरजे, आईजी संदीप पाटील, एसपी नीलोत्पल के मार्गदर्शन में यह सफलता मिली। 2021 से गढ़चिरौली पुलिस ने 99 माओवादियों को मार गिराया, 140 गिरफ्तार किए, 153 ने समर्पण किया। यह निरंतर प्रयासों का नतीजा है जो क्षेत्र को शांति की ओर ले जा रहा है।