
बुंदेलखंड की पावन धरती महोबा, जो आल्हा-उदल की वीरता और चंदेलकालीन वैभव के लिए जाना जाता है, अब पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने की कगार पर है। केंद्र की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत 24.98 करोड़ रुपये की एकीकृत परियोजना तेजी से अमल में लाई जा रही है। इसका लक्ष्य महोबा को सांस्कृतिक एवं शैक्षिक पर्यटन का हब बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या, काशी व मथुरा के बाद बुंदेलखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। महोबा की सूर्य पूजा परंपरा और ऐतिहासिक धरोहर इसे विशेष बनाती है। परियोजना में सन इंटरप्रिटेशन सेंटर, त्रिकोणीय उद्यान, भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक साइनेज का निर्माण शामिल है। 10 प्रतिशत धनराशि जारी हो चुकी है तथा 2026 तक कार्य पूर्ण होगा।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड सभ्यता का प्रतीक है। 2025 में 28 लाख पर्यटक आए, जो इसकी बढ़ती प्रसिद्धि दर्शाता है। 4210 वर्ग मीटर में बन रहा सन सेंटर सूर्य से जुड़े ज्ञान को रोचक ढंग से प्रस्तुत करेगा।
केंद्र की छत आठ प्रहरों का प्रतीक बनेगी, साथ ही सनडायल स्थापित होगा। सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन जैसी हरित सुविधाएं होंगी। इंटरैक्टिव गैलरियां हेलियोस से कोणार्क तक की यात्रा, खगोल विज्ञान व सूर्य के प्रभाव को 3डी से दिखाएंगी। शिवतांडव रोड पर सूर्यदेव की सात घोड़े वाले रथ की प्रतिमा और तीन प्रवेश द्वार आकर्षण बढ़ाएंगे।
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि यह युवाओं को इतिहास से जोड़ेगा। महोबा अब बुंदेलखंड का पर्यटन स्थल बनेगा।