
मुंबई। महायुति गठबंधन ने ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर नगर निगमों में अपने मेयर नियुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह समझौता बुधवार को अंतिम रूप दिया गया, जो गठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है।
देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ महत्वपूर्ण बैठक में इन नियुक्तियों को अंतिम मंजूरी मिलेगी। भाजपा ने स्पष्ट किया कि यह जनादेश के अनुरूप कदम है।
प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और शिंदे के बीच पिछले सप्ताह विस्तृत बातचीत हुई। बावनकुले ने कहा, ‘इन क्षेत्रों में जनता ने महायुति को पूर्ण समर्थन दिया है, इसलिए शासन भी उसी के हाथों में होगा।’
मुंबई महानगर के इन प्रमुख शहरों में मेयर पद हथियाने से गठबंधन विकास को गति देगा और भविष्य के चुनावों के लिए आधार मजबूत करेगा।
कल्याण-डोंबिवली में शिंदे शिवसेना ने एमएनएस का समर्थन जुटाकर 62 सीटें हासिल कीं, भाजपा को बाजू पर धकेल दिया। इससे उद्धव ठाकरे गुट को भी झटका लगा।
उल्हासनगर में श्रीकांत शिंदे निर्दलीय और वंचित बहुजन आघाड़ी के सदस्यों को जोड़ने में जुटे हैं। 37-37 सीटों पर बराबरी के बाद 40 का आंकड़ा पार करने की कोशिश है।
यह अंबरनाथ की घटनाओं का जवाब है, जहां भाजपा ने कांग्रेस से गठजोड़ कर अध्यक्ष पद लिया। शिंदे ने एनसीपी से उपाध्यक्ष हासिल किया। कल्याण-डोंबिवली का कड़ा रुख इसी का परिणाम है।
राजनीतिक हलकों में यह सहमति महायुति की मजबूती का प्रतीक बनी हुई है, जो स्थानीय शासन को नई दिशा देगी।