
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा में 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र 2029 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा और 2047 तक इसे पांच ट्रिलियन डॉलर तक ले जाएगा।
2025-26 में राज्य की इकॉनमी 660 बिलियन डॉलर के आंकड़े पर है, जिसे ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए 340 बिलियन डॉलर की जरूरत है। फडणवीस ने बताया कि राज्य ने पिछले एक साल में रिकॉर्ड 55 बिलियन डॉलर का इजाफा किया है, जो विकास की रफ्तार को दर्शाता है।
युद्ध या एल नीनो जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद 2029 का लक्ष्य तय है, अधिकतम 2030-31 तक। वित्तीय अनुशासन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.88 प्रतिशत है, जो एफआरबीएम एक्ट की तीन प्रतिशत सीमा से कम है।
राजस्व घाटा 0.37 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो उधारी को पूंजीगत व्यय पर केंद्रित रखता है। डेट-टू-जीएसडीपी अनुपात 18.2 प्रतिशत है, जो तमिलनाडु (25.6%), आंध्र प्रदेश (33%) जैसे राज्यों से बेहतर है। केवल गुजरात और ओडिशा इससे नीचे हैं।
2025-26 में कर्ज 9.32 लाख करोड़ रुपये का अनुमान है, लेकिन बढ़ती जीएसडीपी से क्षमता मजबूत। राजस्व 6,16,000 करोड़ रुपये पहुंचेगा, जो 2013-14 के 1,55,000 करोड़ से चार गुना है। पूंजीगत खर्च 2 लाख करोड़ तक पहुंचा।
जीएसडीपी वृद्धि 7.9 प्रतिशत रहेगी, जो देश से अधिक। एफडीआई, स्टार्टअप, यूनिकॉर्न, वन क्षेत्र और जीएसटी में नंबर वन। प्रति व्यक्ति आय 3,47,903 रुपये (पांचवां स्थान)। महाराष्ट्र की इकॉनमी 35 देशों से बड़ी।