
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन से राज्यव्यापी शोक की भावना व्याप्त हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इसे राजनीतिक क्षति बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने इसे हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि तेजतर्रार, मजबूत इरादों वाले और स्वर्णिम हृदय के धनी नेता का जाना महाराष्ट्र के लिए गहरा आघात है। अजित पवार जैसा जनसेवी विरल होता है।
मंत्री उदय सामंत ने दुखद दिन करार देते हुए अजित दादा को कोटि-कोटि प्रणाम अर्पित किए। योगेश कदम अवाक हैं कि उनका आदर्श उन्हें छोड़ गया। वर्षों से उन्होंने दादा को जनसेवा में समर्पित देखा।
प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यव्यापी शोक और दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा का उल्लेख किया। अजित पवार कुशल प्रशासक, नियमों के गहन ज्ञाता और प्रभावी वक्ता थे।
एनसीपी के बल्लाल साधु विश्वास में नहीं आ रहा कि अजित दादा चले गए। सूर्यकांत पाटिल ने इसे नेतृत्व संकट बताया, इंदिरा-संजय गांधी जैसे उदाहरण देते हुए।
एमएलसी अमरीश पटेल ने उन्हें दूरदर्शी, सत्यवादी नेता कहा जिन्होंने महाराष्ट्र परिवर्तन का संकल्प कार्यों से साकार किया। विक्रम काले ने राष्ट्रवादी परिवार के दुख का वर्णन किया।
संजय निरुपम ने ग्रामीण महाराष्ट्र से गहरा जुड़ाव वाली मजबूत स्तंभ बताया। धनंजय महादिक ने प्रार्थनाओं से आशा टूटने का जिक्र किया। राहुल आवाडे ने पारिवारिक संबंधों का उल्लेख किया।
अजित पवार की विरासत जनकल्याण और दृढ़ नेतृत्व में बनी रहेगी। यह हादसा राजनीति की नश्वरता याद दिलाता है।